चीनी नौसेना ने अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों से भारतीय तेल टैंकर को बचाया

पेइचिंग भारत-चीन के बीच लद्दाख में चल रहे गतिरोध के बीच एक घटना ने सकारात्मक संदेश देकर आपसी सैहार्द का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। खबरों के अनुसार चीनी नौसेना ने अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों से भारतीय तेल टैंकर को बचाया और सुरक्षित भारत के पास तक छोड़ा। इस भारतीय टैंकर पर चालक दल के 31 सदस्‍य सवार थे और उसके कैप्‍टन ने चीनी नौसेना को धन्‍यवाद दिया। इस टैंकर का नाम एमटी देश गौरव था और वह मिस्र से रवाना हुआ था। चीन के सरकारी अखबार के मुताबिक चीनी नौसेना ने तीन विदेशी व्‍यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की। भारतीय जहाज वादिनगर जा रहा था। भारतीय जहाज पर सेफ्टी कैप्‍सूल था लेकिन कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं था। समुद्री लुटेरों के खतरों को देखते हुए भारतीय जहाज को सुरक्षा के लिए मदद मांगनी पड़ी। यह घटना शनिवार की है। बता दें कि अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे खतरनाक जलक्षेत्रों में से एक है।

 

अदन की खाड़ी में अक्‍सर सोमालियाई समुद्री लुटेरे हमला करके जहाजों पर कब्‍जा कर लेते हैं।  चीनी की नौसेना के अधिकारी यांग एइबिन ने कहा क‍ि चीनी नौसेना ने अपने मिसाइल डेस्‍ट्रायर तैयुआन को विदेशी जहाजों की मदद के लिए भेजा। इसके अलावा दो और चीनी जहाज क्षेत्रीय सुरक्षा मुहैया कराने के लिए रास्‍ते में मौजूद थे। अखबार ने भारतीय कैप्‍टन के हवाले से दावा किया कि उन्‍होंने चीनी नौसेना की तारीफ की। बता दें कि चीन ने लद्दाख में 50 हजार से ज्‍यादा सैनिकों को तैनात कर रखा है जिससे दोनों ही देशों के बीच तनाव चरम पर है। सैन्य अधिकारियों के स्तर पर दोनों देशों के बीच बातचीत के लगातार बेनतीजा निकलने के बीच भारतीय सेना ने सर्दियों में सीमा पर डटे रहने की पूरी तैयारी कर ली है। बताया गया कि सर्दियों में ईस्टर्न लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर सेना ने 40 हजार अतिरिक्त सैनिकों के ठहरने का इंतजाम पूरा कर लिया है। यहां टेंपररेरी शेल्टर बना दिए गए हैं जहां सर्दियों में भी सैनिक डटे रह सकते हैं।

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