मानसी की सफलता के पीछे हैं कोच गोपीचंद

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कोलकाता पैरा बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली मानसी जोशी को यहां तक पहुंचाने में बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की भी अहम भूमिका रही है। मानसी ने 2011 में एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर हमेशा के लिए खो दिया लेकिन इससे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल को जारी रखने का उनका सपना नहीं टूटा। मानसी को अपने सपने को पूरा करने के लिए एक अच्छे गुरू की तलाश थी जो गोपीचंद से मिलने के बाद पूरी हो गयी। मानसी को गोपीचंद की हैदराबाद अकादमी में प्रशिक्षण लेने का काफी फायदा मिला। मानसी को 2018 जकार्ता पैरा एशियाई खेलों के कुछ समय पहले ही गोपीचंद की अकादमी में प्रशिक्षण का अवसर मिला था। हैदराबाद अकादमी में उन्होंने कोच जे राजेन्द्र कुमार और फिटनेस ट्रेनर एल राजू की देख रेख में प्रशिक्षण शुरू किया। मानसी को यहां मुश्किल प्रशिक्षण सत्र से गुजराना पड़ा क्योंकि वह दौड़ने या साइकिल चलाने में सक्षम नहीं थी। इस प्रशिक्षण ने हालांकि उन्हें और मजबूत बनाया। हैदराबाद में ही उनके पैर का प्रोस्थेटिक (कृत्रिम) प्रत्यारोपण किया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने यहां अलग-अलग कौशल सीखा। मैंने हैदराबाद में अपना प्रोस्थेटिक पैर बनवाया। इन सभी चीजों से मुझे फायदा हुआ और मैं विश्व खिताब जीत सकी। गोपी सर हमेशा मेरे मैच के दौरान मौजूद रहते थे और मेरा हौसला बढ़ाते थे।’ मानसी ने कहा कि अब उनका ध्यान अगले साल होने वाले पैरालंपिक खेलों पर है जहां वह मिश्रित युगल वर्ग में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।

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